विकसित भारत 2047 में नीति आयोग की भूमिका का अध्ययन

Authors

  • Gopal Prasad Deen Dayal Upadhayay Gorakhpur University, Gorakhpur, India
  • Vikas Kumar Pandey Deen Dayal Upadhayay Gorakhpur University, Gorakhpur, India
  • Shreya Dwivedi Deen Dayal Upadhayay Gorakhpur University, Gorakhpur, India
  • Rohit Kumar Singh Deen Dayal Upadhayay Gorakhpur University, Gorakhpur, India

DOI:

https://doi.org/10.63671/ijsssr.v3i4.540

Keywords:

विकसित भारत 2047, नीति आयोग, प्रतिस्पर्धात्मक संघवाद, SDG लोकलाइजेशन, डिजिटल गवर्नेंस, डेटा-आधारित नीति-निर्धारण, आकांक्षी जिला कार्यक्रम, मानव पूंजी विकास, नवाचार एवं स्टार्टअप ईकोसिस्टम, हरित विकास

Abstract

“विकसित भारत 2047” का राष्ट्रीय विज़न भारत को अगले पच्चीस वर्षों में एक समावेशी, नवाचार-प्रधान, सतत, प्रतिस्पर्धी और उच्च-आय वाली अर्थव्यवस्था में रूपांतरित करने का दीर्घकालिक खाका प्रस्तुत करता है। इस महत्त्वाकांक्षी परिवर्तन-यात्रा में नीति आयोग एक केंद्रीय संस्थागत स्तंभ के रूप में उभरता है, जो न केवल नीति-निर्माण को दिशा प्रदान करता है, बल्कि राज्यों के साथ सहयोगात्मक साझेदारी द्वारा शासन के बहुआयामी आयामों को संरचनात्मक रूप से सुदृढ़ करता है। यह शोध पत्र नीति आयोग की रणनीतिक भूमिका—जैसे दीर्घकालिक योजनाओं का निर्माण, सहकारी एवं प्रतिस्पर्धात्मक संघवाद का संवर्धन, SDG लोकलाइजेशन, परिणाम-आधारित निगरानी, नवाचार एवं स्टार्टअप ईकोसिस्टम का विस्तार, मानव पूंजी का सुदृढ़ीकरण तथा हरित एवं जलवायु-संवेदनशील विकास—का समग्र विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन दर्शाता है कि नीति आयोग पारंपरिक योजना आधारित मॉडल से आगे बढ़कर एक “थिंक-एंड-डू टैंक” की भूमिका निभाता है, जो राज्यों की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार अनुकूलित नीति समाधान तैयार करता है।इसके अतिरिक्त, शोध में यह भी स्थापित किया गया है कि डिजिटल शासन, डेटा-संचालित नीति-निर्धारण, आकांक्षी जिलों का रूपांतरण, सामाजिक सुरक्षा तंत्रों की प्रभावशीलता और अवसंरचनात्मक आधुनिकीकरण को गति देने में आयोग के प्रयास 2047 के लक्ष्य को व्यवहारिक बनाने में अत्यंत सहायक हैं। नीति आयोग द्वारा विकसित बहु-हितधारक सहयोग, अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं का अन्तःस्थापन और आर्थिक सुधारों के लिए संस्थागत समर्थन, विकसित भारत के लिए आवश्यक नीतिगत चपलता और पारदर्शिता सुनिश्चित करते हैं। अंततः यह शोध निष्कर्ष प्रस्तुत करता है कि 2047 तक भारत के विकसित राष्ट्र बनने की प्रक्रिया में नीति आयोग एक परिवर्तनकारी भूमिका वाला ऐसा संस्थान है, जो देश की विकास-प्रतिबद्धता, नीति-सततता और भविष्यन्मुखी दृष्टिकोण को एकीकृत करता है तथा भारत को वैश्विक विकास मानकों के अनुरूप आगे बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभाता है।    

Downloads

Published

2026-03-02

Issue

Section

Articles

How to Cite

Prasad, G., Pandey, V. K., Dwivedi, S., & Singh, R. K. (2026). विकसित भारत 2047 में नीति आयोग की भूमिका का अध्ययन. International Journal of Science and Social Science Research, 3(4), 175-182. https://doi.org/10.63671/ijsssr.v3i4.540

Similar Articles

41-50 of 73

You may also start an advanced similarity search for this article.

Most read articles by the same author(s)