डॉ० हरिनारायण दीक्षित की सारस्वत साधना

Authors

  • श्रीनन्दन पाण्डेय शोधछात्र संस्कृत विभाग, तिलक महाविद्यालय, औरैया, उत्तर प्रदेश, भारत

DOI:

https://doi.org/10.63671/ijsssr.v2i3.163

Keywords:

महाकाव्य, खण्डकाव्य, संदेशकाव्य, गद्यकाव्य, मुक्तककाव्य, शतककाव्य, नाटक, कथाकाव्य, निबन्ध आदि

Abstract

डॉ० हरिनारायण दीक्षित अर्वाचीन गीर्वाणभारती के प्रतिष्ठित एवं सम्माननीय महाकवि हैं। इन्होंने अपनी काव्य लेखनी द्वारा संस्कृत साहित्य की अतुलनीय सेवा की है। आपकी रचनायें राष्ट्रीय एकता को मजबूत करती हैं तथा देश प्रेम को बढ़ाती हैं। इनके काव्य आधुनिक समाज में उत्पन्न सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक आदि विद्रूपता को उजागर करने एवं उनके निवरणार्थ उपाय बताने में समर्थ हैं। संस्कृत वाङ्गमय में रचित इनकी रचनाएँ सुमार्ग पर चलने के लिए समाज को प्रेरित करती हैं।

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Published

2024-12-21

How to Cite

डॉ० हरिनारायण दीक्षित की सारस्वत साधना. (2024). International Journal of Science and Social Science Research, 2(3), 253-256. https://doi.org/10.63671/ijsssr.v2i3.163

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