कुशीनगर जनपद में सेवाकेन्द्रों का उद्भव एवं विकास

Authors

  • संजीत कुमार सिंह असिस्टेन्ट प्रोफेसर भूगोल विभाग दिग्विजयनाथ पी.जी.कालेज,गोरखपुर

DOI:

https://doi.org/10.63671/ijsssr.v1i2.46

Keywords:

कुशीनगर, उत्तर प्रदेश, सेवाकेन्द्र

Abstract

किसी भी क्षेत्र में स्थित ऐसा केन्द्र जो उस क्षेत्र विशेष में निवास करने वाली जनसंख्या को वस्तुएं एवं सेवाएं प्रदान करता है, सेवा केन्द्र कहलाता है। अपने सम्पूरक क्षेत्र की सेवावृŸिा ही सेवाकेन्द्रों का प्रमुख आधार होता है। सेवा केन्द्र चूॅकि अपने प्रदेश के केन्द्र होते है और प्रायः लगभग केन्द्रस्थल भी होते है। इसलिए इनको केन्द्रस्थल भी कहते है। सेवा केन्द्र के लिए मार्क जेफरसन ने 1931 में Central Place1 शब्द का प्रयोग किया है जबकि क्रिस्टालर2 ने इनके समानार्थर्क Zentralort शब्द का प्रयोग किया। सेवा केन्द्र सन्दर्भ में वाल्टर क्रिस्टालर का सिद्धान्त महत्वपूर्ण है।

Downloads

Published

2023-09-30