केंद्रीय सरकार के लोक आगम की प्रवृत्ति, एक विश्लेषणात्मक अध्ययन कर आगम के संदर्भ में (सन् 2012 से 2020 तक)

Authors

  • संतोष कुमार त्रिपाठी असिस्टेंट प्रोफेसर, वाणिज्य संकाय, आरएसकेडी पीजी कॉलेज जौनपुर, उत्तर प्रदेश, इंडिया
  • अखिलेश कुमार मौर्य असिस्टेंट प्रोफेसर, वाणिज्य संकाय, एसबी पीजी कॉलेज, बदलापूर, जौनपुर, उत्तर प्रदेश, इंडिया

DOI:

https://doi.org/10.63671/ijsssr.v2i1.289

Keywords:

निगम कर, गैर-कर आगम, कर आगम, लोक आगम, आय

Abstract

आधुनिक परिवेश में समाज में व्याप्त आय व संपत्ति के वितरण में असमानता, आर्थिक अस्थिरता, बेरोजगारी की समस्या, स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव आदि कारणों से सरकार के उत्तरदायित्वो में बहुत अधिक वृद्धि हो गई है। उत्तर दायित्व के निर्वहन करने के लिए सरकार को राजस्व की आवश्यकता पड़ती है। जिसके कारण लोक आगम का अध्ययन बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। इसके अंतर्गत सरकार को कर आगम तथा गैर-कर आगम के रूप में राजस्व की प्राप्ति होती है। कर तथा कर आगम का अध्ययन तथा विश्लेषण समाज में आय वितरण के असमानता, आर्थिक अस्थिरता, बेरोजगारी आदि समस्याओं के समाधान में सहायक होता है।

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Published

2024-05-11

Issue

Section

Articles