शहरी निजी माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के अभिभावकों का विद्यालयी संरक्षा एवं सुरक्षा के प्रति जागरुकता का तुलनात्मक अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.63671/ijsssr.v1i3.97Keywords:
माध्यमिक विद्यालय, अभिभावक, छात्र सुरक्षाAbstract
विद्यालय वह स्थान है, जहाँ पर समाज एवं राष्ट्र का भविष्य निर्मित होता है। प्रत्येक समाज एवं राष्ट्र अपने नागरिकों के विकास के लिए विद्यालय की स्थापना करता है। जब विद्यार्थी घर से निकल कर विद्यालय आता है एवं शिक्षा प्राप्त करता है तो यह माना जाता है कि विद्यार्थी जितने समय तक विद्यालय में रहता है उसके संरक्षा एवं सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी विद्यालय प्रशासन की होती है। इसके सम्बन्ध में राज्य एवं केंद्र सरकार के साथ-साथ अन्य कई स्वायत्तशासी संस्थाओं ने विद्यार्थियों के संरक्षा एवं सुरक्षा के लिए कई प्रकार के नियमों का निर्धारण किया है। विद्यार्थियों की संरक्षा एवं सुरक्षा के इन प्रावधानों के सम्बन्ध में उनके माता-पिता एवं अभिभावक को जानना आवश्यक है। विद्यार्थियों की संरक्षा एवं सुरक्षा के सम्बन्ध में जागरूकता रखने वाले अभिभावक अपने बालक की हर समस्या को समझ सकते हैं और आवश्यकता अनुसार स्वयं उसका समाधान भी कर सकते हैं अथवा विद्यालय से संपर्क करके उचित समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
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