आज़ादी का अमृत महोत्सवः बाल गंगाधर तिलक

Authors

  • सचिन कुमार वर्मा सहायक आचार्य शिक्षक शिक्षा विभाग धर्म समाज काॅलेज, अलीगढ़, उ0 प्र0

DOI:

https://doi.org/10.63671/ijsssr.v1i2.42

Keywords:

स्वराज, लोक शिक्षण, राष्ट्रवाद, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, नागरिक अधिकार व कर्तव्य

Abstract

आज हम भारतीय स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। यह महोत्सव भारत के शैक्षिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक एवं राष्ट्रीय चेतना तथा सामाजिक, आर्थिक, वैज्ञानिक एवं तकनीकी विकास का एक प्रतिबिंब प्रस्तुत करता है। भारत को विकास के पथ पर अग्रसर करने एवं पथ प्रदर्शन में अनेक महान विभूतियों का योगदान रहा है। भारत की स्वतंत्रता के पूर्व अंग्रेजों से आज़ादी हेतु संघर्ष करते हुए भारतीय समाज को सकारात्मक ऊर्जा देना एवं अखंड और मजबूत लोकतंत्र की नींव हेतु मार्गदर्शन करने में बाल गंगाधर तिलक का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। वर्तमान आधुनिक समाज एवं भारतीय लोकतंत्र में तिलक के शैक्षिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, धार्मिक, राष्ट्रवादी एवं वैज्ञानिक विचार आज स्पष्ट परिलक्षित होते हैं।
प्रस्तुत शोध लेख में शोधकर्ता ने शोध की दार्शनिक एवं ऐतिहासिक विधि का प्रयोग करते हुए बाल गंगाधर तिलक के महान व्यक्तित्व एवं कृतित्व को भारतीय आज़ादी के अमृत महोत्सव के संदर्भ एवं आधुनिक भारत की आधारशिला के रूप में प्रस्तुत किया है।

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Published

2023-09-30

How to Cite

आज़ादी का अमृत महोत्सवः बाल गंगाधर तिलक. (2023). International Journal of Science and Social Science Research, 1(2), 211-215. https://doi.org/10.63671/ijsssr.v1i2.42

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