चित्रकूट में पर्यटन विकास : चुनौतियाँ एवं संभावनाएँ

Authors

  • Ajita Dixit MSc. Student, Department of Geography, D.B.S College Kanpur, India
  • Anita Nigam Assistant Professor, Department of Geography, D.B.S College Kanpur, India

DOI:

https://doi.org/10.63671/ijsssr.v3i4.558

Keywords:

चित्रकूट, पर्यटन, पर्यटक, धार्मिक स्थल, पर्यावरणीय समस्याएं

Abstract

चित्रकूट भारत का एक प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थल है, जिसका उल्लेख रामायण सहित अनेक ग्रंथों में मिलता है। मंदाकिनी नदी, कामदगिरि पर्वत, हनुमान धारा, गुप्त गोदावरी और अन्य पवित्र स्थलों के कारण यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। वर्तमान में यहाँ तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है, किन्तु अपर्याप्त अवसंरचना, परिवहन की सीमाएँ, स्वच्छता व कचरा प्रबंधन की समस्या, पर्यावरणीय दबाव और प्रचार-प्रसार की कमी जैसी चुनौतियाँ इसके सतत विकास में बाधक हैं।

इस शोधपत्र का उद्देश्य चित्रकूट पर्यटन की वर्तमान स्थिति का मूल्यांकन करना, प्रमुख चुनौतियों को रेखांकित करना तथा भविष्य की संभावनाओं का विश्लेषण प्रस्तुत करना है। अध्ययन में पाया गया कि धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ इको-टूरिज्म, सांस्कृतिक पर्यटन और ग्रामीण पर्यटन के विकास की व्यापक संभावनाएँ हैं। यदि सरकार, स्थानीय समुदाय और निजी क्षेत्र मिलकर योजनाबद्ध रणनीति अपनाएँ तो चित्रकूट न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र रहेगा बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकेगा।

Downloads

Published

2026-03-02

Issue

Section

Articles