[1]
सिंह अंशुमान and सिंह नितीश, “हिन्दी उपन्यास में विस्थापन : आंचलिकता, अस्मिता और विकासजनित संकट”, Int. J. Sci. Soc. Sci. Res., vol. 4, no. 2, pp. 154–159, Sep. 2026, doi: 10.63671/ijsssr.v4i2.528.